बलौदाबाजार/सिमगा। ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने और उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से DAY-NRLM के अंतर्गत MKSP–Integrated Farming Cluster (IFC) परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में विकासखंड सिमगा के ग्राम जांगड़ा की बसंती कौशिक ने मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।
बसंती कौशिक को उड़ान महिला IFC संकुल संगठन के माध्यम से IFC के सामुदायिक निवेश समर्थन निधि से सहायता प्रदान की गई। इस सहयोग से उन्होंने 100 मुर्गियों की इकाई स्थापित की और मुर्गी पालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाना शुरू किया।
मुर्गी पालन बना आय का मजबूत साधन
मुर्गी पालन के माध्यम से बसंती को अंडों और मांस के उत्पादन से नियमित आय प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, इस गतिविधि से परिवार की पोषण सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका में स्थायित्व को बढ़ावा मिल रहा है।
IFC का उद्देश्य केवल किसी एक गतिविधि को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए एक से अधिक आजीविका स्रोत विकसित कर वर्षभर आय के अवसर तैयार करना है। DAY-NRLM की IFC रणनीति में कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को आपस में जोड़कर उत्पादन, तकनीकी सहयोग, मूल्यवर्धन और बाजार से जुड़ाव को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बसंती कौशिक की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन रही है। सामुदायिक संस्थाओं के सहयोग और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से महिलाएं पारंपरिक आजीविका गतिविधियों को आय सृजन एवं उद्यमिता में बदल रही हैं।
IFC मॉडल में आजीविका गतिविधियों के साथ-साथ प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार संपर्क और सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
“छोटा प्रयास… बड़ी सफलता”
बसंती कौशिक की 100 मुर्गियों की इकाई यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, सामुदायिक निवेश और मेहनत के साथ छोटी शुरुआत भी स्थायी आजीविका का आधार बन सकती है।
उनकी यह सफलता न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है, बल्कि “लखपति दीदी” की अवधारणा के अनुरूप महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी प्रेरणादायी उदाहरण है।
उड़ान महिला IFC संकुल संगठन, सिमगा के सहयोग से संचालित यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए “समृद्ध किसान – सशक्त महिला – समृद्ध गांव” के संकल्प को मजबूत कर रही है।