बलौदाबाजार l साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल फ्रॉड के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आम जनता को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए “जागरूकता की एक सेल्फी” (Ek Selfie) पहल की शुरुआत की गई है।
सेवानिवृत्त प्राचार्य उच्च शिक्षा विभाग ने की पहल:- आज दिनांक 01.09.2026 को सेवानिवृत्त प्राचार्य उच्च शिक्षा विभाग जय नारायण केसरवानी ने इस जन-जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने आधिकारिक पोस्टर पर दिए गए क्यूआर (QR) कोड को स्कैन कर अपनी “जागरूकता की सेल्फी” ली और उसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किया। सेल्फी अपलोड करते हुए जय नारायण केशरवानी ने आम जनता, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ें और ‘साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़’ के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।
जय नारायण केसरवानी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, सेवानिवृत्त आधिकारी कर्मचारियों से की गई विशेष अपील- जय नारायण केशरवानी द्वारा विशेष रूप से अपील करते हुए कहा गया कि डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई कानूनन प्रक्रिया नहीं होती, भारत में कोई भी पुलिस, सीबीआई, ईडी, या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार ("डिजिटल अरेस्ट") नहीं करती और ना ही पैसे ट्रांसफर करने की मांग करती है। यदि कोई व्यक्ति आपको पुलिस या कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर डर दिखाता है, तो कॉल तुरंत काट दें। अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी (OTP), या व्यक्तिगत विवरण किसी के साथ साझा न करें। किसी भी डर या धमकी के कारण किसी अज्ञात खाते में पैसे न भेजें।यदि किसी प्रकार के साइबर फ्रॉड का संदेह हो या आप शिकार हो जाएं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करें।
अभियान में कैसे लें भाग?
1. छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बैनर/पोस्टर पर उपलब्ध QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करें।
2. दिए गए लिंक/फ़्रेम के माध्यम से अपनी “जागरूकता की सेल्फी” लें।
3. इस सेल्फी को अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।