बलौदाबाजार। शहर के एक प्रतिष्ठित शासकीय स्कूल की प्रभारी प्राचार्य ने हिस्ट्रीशीटर आशीष शुक्ला व अन्य लोगों पर बिना अनुमति कार्यालय में प्रवेश कर अभद्रता करने, जबरन वीडियो बनाने, नारेबाजी करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव ने सिटी कोतवाली में आवेदन देकर आशीष शुक्ला व अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई तथा सुरक्षा की मांग की है।
प्राचार्य के अनुसार 17 सितंबर की शाम करीब 4.30 बजे स्कूल में सेवा संकल्प कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। वह अपने कार्यालय में विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों के साथ एक शिकायत के संबंध में चर्चा कर रही थीं। इसी दौरान आशीष शुक्ला अपने साथियों के साथ कथित तौर पर कार्यालय का दरवाजा धक्का देकर अंदर आ गया। प्राचार्य का आरोप है कि उन्होंने बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन इसके बावजूद वहां मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वीडियो बनाना जारी रखा।
शिकायत में प्राचार्य ने बताया कि उस समय कार्यालय के आसपास नाबालिग छात्र-छात्राएं मौजूद थे। उन्होंने बाहरी लोगों द्वारा बिना अनुमति वीडियो बनाने का विरोध किया। आरोप है कि मना करने के बावजूद वीडियो बनाया गया। प्राचार्य ने मोबाइल से रिकॉर्डिंग रोकने का प्रयास किया तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ नारेबाजी कर सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
प्राचार्य ने शिकायत में आरोप लगाया है कि आशीष शुक्ला के द्वारा पूर्व में भी स्कूल परिसर में आकर उनके खिलाफ वीडियो बनाए गए और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गतिविधियों के कारण उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और स्कूल की छवि प्रभावित हो रही है।
प्राचार्य की शिकायत में आशीष शुक्ला के खिलाफ पूर्व में हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार सिटी कोतवाली पुलिस ने 7 नवंबर 2025 को उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को इस्तगासा भेजा था। इसमें पुलिस ने उसे आदतन अपराधी प्रवृत्ति का बताते हुए 6 नवंबर 2025 तक उसके खिलाफ चार अपराध दर्ज होने का उल्लेख किया था। शिकायत के अनुसार 19 अगस्त 2026 को भी उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को इस्तगासा भेजा गया है।
प्राचार्य ने आरोप लगाया है कि पूर्व में पुलिस स्तर से कार्रवाई की अनुशंसा के बावजूद आशीष शुक्ला की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लगी है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आशीष शुक्ला का नाम पुलिस की गुंडा बदमाश सूची में दर्ज होने की बात कही जा रही है। यदि यह तथ्य पुलिस रिकॉर्ड से पुष्ट होता है, तो यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि ऐसे व्यक्ति की विभिन्न पुलिस थानों अथवा शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों के कक्ष तक पहुंच किस प्रकार होती है और क्या उसकी गतिविधियों की विधिवत निगरानी की जा रही है।
हालांकि इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि पुलिस अथवा जिला प्रशासन के रिकॉर्ड से होना बाकी है। इसलिए पूरे मामले में पुलिस द्वारा शिकायत, उपलब्ध वीडियो, पूर्व के पुलिस रिकॉर्ड तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्राचार्य ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर नामजद लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।