पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बलौदाबाजार में जिला स्तरीय संयुक्त कार्यशाला का सफल आयोजन
पुलिस अधीक्षक गौरव राय (IPS) के निर्देशों पर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग का साझा कदम, 'गोल्डन आवर' में घायलों की जान बचाना मुख्य ध्येय
सड़क दुर्घटना में पीड़ितों को जिले के सभी शासकीय एवं प्राइवेट अस्पतालों में मिलेगा ₹1.50 लाख तक का निःशुल्क (कैशलेस) इलाज
CMHO डॉ. राजेश अवस्थी एवं DRM मनोज मांडले ने अस्पतालों के प्रबंधकों, डॉक्टरों व थाना प्रभारियों को दी विस्तृत ट्रेनिंग
iRAD/e-DAR पोर्टल पर त्वरित प्रविष्टि एवं अस्पताल से प्राप्त रिक्वेस्ट के तत्काल डिजिटल अप्रूवल प्रक्रिया पर दिया गया जोर
बलौदाबाजार l जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को अति-महत्वपूर्ण समय यानी 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) में त्वरित चिकित्सकीय सहायता एवं आर्थिक राहत उपलब्ध कराकर अनमोल जानें बचाने के उद्देश्य से 'पी.एम. राहत योजना' का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। उक्त जनकल्याणकारी योजना का पारदर्शी लाभ जिले के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने तथा पुलिस व स्वास्थ्य तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के ध्येय से पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय (IPS) के निर्देशानुसार एवं उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री संजय कुमार साहू के मार्गदर्शन में आज दिनांक 29.07.2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय बलौदाबाजार के सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।
शासकीय व निजी अस्पतालों में 1.50 लाख तक कैशलेस इलाज:- कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश अवस्थी एवं जिला डीआरएम (DRM) मनोज मांडले द्वारा उपस्थित चिकित्सकों व पुलिस अधिकारियों को योजना की बारीकियों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पीएम राहत योजना के अंतर्गत ₹1.50 लाख तक का त्वरित कैशलेस इलाज प्रदान किया जाता है। यह सुविधा जिले के सभी पंजीकृत शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ निजी (प्राइवेट) अस्पतालों में भी अनिवार्य रूप से लागू है, ताकि इलाज के अभाव में किसी घायल की जान न जाए।
iRAD/e-DAR पोर्टल एंट्री व ऑनलाइन अप्रूवल की दी गई ट्रेनिंग:- कार्यशाला में DRM श्री मनोज मांडले द्वारा उपस्थित थाना प्रभारियों, विवेचकों और अस्पताल प्रबंधकों को तकनीकी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया:
1. दुर्घटना के तत्काल बाद iRAD (Integrated Road Accident Database) / e-DAR पोर्टल पर सटीक एंट्री दर्ज करना।
2. अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज हेतु प्राप्त ऑनलाइन रिक्वेस्ट को थाना स्तर पर विवेचकों द्वारा तत्काल तस्दीक (सत्यापन) कर बिना किसी देरी के डिजिटल अप्रूवल प्रदान करना।
3. पुलिस व अस्पताल प्रबंधन के आपसी सामंजस्य से कागजी जटिलताओं को दूर कर इलाज की प्रक्रिया शुरू कराना।
पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति:- आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में जिले के समस्त शासकीय/निजी अस्पतालों के प्रबंधक व विशेषज्ञ चिकित्सक, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली, थाना पलारी, थाना हथबंद तथा चौकी करहीबाजार, निपनिया, दामाखेड़ा, लिमतरा के थाना प्रभारी एवं दुर्घटना मामलों के विवेचक (Investigating Officers) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
'गोल्डन आवर' में जीवन रक्षा सर्वोपरि:- कार्यशाला के अंत में अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का शुरुआती 01 घंटा (गोल्डन आवर) किसी भी घायल के लिए जीवन-मरण का प्रश्न होता है। योजना का मुख्य ध्येय यही है कि वित्तीय या प्रशासनिक रुकावटों के बिना पीड़ित को सर्वोत्तम इलाज मिल सके। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस एवं जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे दुर्घटना पीड़ितों की मदद हेतु सहर्ष आगे आएं।