बलौदाबाजार। स्थानीय सिटी कोतवाली पुलिस, पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से लेकर राज्य सरकार द्वारा जनसमस्याओं के निवारण के लिए हाल ही में शुरू किए गए सीएम जन शिकायत पोर्टल तक बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए एक स्थानीय व्यापारी आखिरकार अदालत की शरण में पहुंच गया है। व्यापारी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM), बलौदाबाजार के समक्ष परिवाद दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बजरंग चौक बलौदाबाजार स्थित वलेचा मार्केटिंग मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक दुकान के संचालक राजकुमार वलेचा (45 वर्ष), पिता गुरूदिनोमल वलेचा ने भाटापारा निवासी आरोपी नीर उर्फ निर्माण किंगरानी के खिलाफ न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया है। पीड़ित व्यापारी की ओर से इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता सतीशचंद श्रीवास्तव कर रहे हैं। परिवाद के अनुसार, आरोपी दुकान से 7 नग प्रीमियम मोबाइल फोन केवल देखने और पसंद करने के बहाने ले गया, लेकिन बाद में न तो मोबाइल वापस किए गए और न ही उनकी राशि का भुगतान किया गया। व्यापारी के अनुसार, लगातार तकादा करने पर आरोपी की ओर से व्यापारी के खाते में जयपुर से एक चेक लगवाया गया, जो बाद में बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के कारण व्यापारी के बैंक खाते से पेनल्टी की राशि कटने का भी आरोप लगाया गया है।
व्यापारी का आरोप है कि जब उसने अपनी बकाया राशि मांगी, तो आरोपी ने भुगतान से इनकार करते हुए गाली-गलौज की। आरोप के मुताबिक, 21 अप्रैल 2026 को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से व्यापारी को अश्लील गालियां दी गईं तथा जान से मारने और बच्चों का अपहरण करवाने की गंभीर धमकी दी गई।
व्यापारी ने इस पूरी घटना की लिखित शिकायत सहित प्रमाण स्वरूप गाली-गलौच, जान से मारने एवं बच्चों का अपहरण करने की धमकी का ऑडियो रिकॉर्डिंग की सीडी भी थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को सौंपने का दावा किया है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा आम जनता की शिकायतों के निराकरण के लिए शुरू किए गए सीएम जन शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। व्यापारी का आरोप है कि महीनों बीत जाने के बाद भी उसकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण अब पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ शिकायत निवारण प्रणाली की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं l
पीड़ित व्यापारी ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि पुलिस की ओर से मामले में लगातार टालमटोल की गई। व्यापारी के अनुसार, पुलिस के एक अधिकारी ने फोन पर यह कहते हुए आरोपी को कुछ और समय देने की बात कही कि आरोपी के पिता से उनके अच्छे संबंध हैं। व्यापारी का आरोप है कि इस तरह की हीलाहवाली के कारण प्रकरण उलझता रहा और आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपी के हौसले बढ़ते गए और व्यापारी व उसके परिवार को लगातार धमकियां मिलने का भय बना रहा।
प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित व्यापारी ने अब वरिष्ठ अधिवक्ता सतीशचंद श्रीवास्तव के माध्यम से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बलौदाबाजार की अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया है।
अधिवक्ता श्रीवास्तव के अनुसार, न्यायालय से आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 296 एवं 351(3) के तहत अपराध दर्ज करने के लिए थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
आगे भी अन्य लोगों से अभिमत लेकर अन्य जानकारियां प्रकाशित की जा सकती है l