बलौदाबाजार। अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र कुकुरदी में बीती रात फिर से जहरीले रासायनिक अपशिष्ट को जलाए जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश है। रासायनिक कचरा जलने से निकले बेहद तेज और दमघोंटू दुर्गंध के कारण ग्राम पंचायत सेमराडीह के ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर सरपंच प्रमिला वर्मा, सरपंच प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार वर्मा और पंचायत के पंचों ने संयंत्र प्रबंधन को दो टूक शब्दों में अंतिम चेतावनी दे दी है।
रात भर परेशान रहे ग्रामीण, अप्रिय घटना की आशंका
ग्रामीणों के मुताबिक, बीती रात प्लांट के भीतर अचानक कुछ अज्ञात रासायनिक अपशिष्ट जलाया गया। इसके बाद देखते ही देखते पूरे सेमराडीह गांव में एक भयानक और असहनीय दुर्गंध फैल गई। रात के अंधेरे में फैली इस रासायनिक गंध की वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। पंचायत प्रतिनिधियों ने आशंका जताई है कि इस जहरीली गैस और दुर्गंध के कारण गांव में कोई भी बड़ी अप्रिय घटना या स्वास्थ्य आपातकाल घट सकता है।
प्रशासन और प्रबंधन को पहले भी दी गई थी सूचना
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अल्ट्राटेक संयंत्र द्वारा इसी तरह की दुर्गंध पूरे गांव में फैलाई गई थी। उस दौरान भी जागरूक ग्रामीणों और पंचायत द्वारा संयंत्र प्रबंधन के लिखित में एवं जिलाधीश (कलेक्ट्रेट महोदय) को आवेदन में अवगत कराकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बावजूद प्रबंधन की लापरवाही के कारण बीती रात फिर से वही वाकया दोहराया गया, जिससे ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया।
एचआर और सीएसआर हेड को सौंपा गया ज्ञापन
घटना के तुरंत बाद आक्रोशित पंचायत प्रतिनिधियों ने अल्ट्राटेक संयंत्र पहुंचकर एचआर हेड अंतर्यामी जी और सीएसआर हेड राजेंद्र कुशवाहा जी को एक औपचारिक आवेदन सौंपा। इस आवेदन के माध्यम से मांग की गई है कि संयंत्र के भीतर जलाए जा रहे किसी भी प्रकार के अपशिष्ट का वैज्ञानिक और उचित प्रबंधन किया जाए, ताकि उसकी हानिकारक गंध या गैस प्लांट से बाहर न फैले।
'आगे कुछ भी हुआ तो जिम्मेदार होगा संयंत्र'
पंचायत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह उनकी तरफ से आखिरी चेतावनी है। इसके बाद भी अगर प्रबंधन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और कचरा जलाना बंद नहीं किया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। चेतावनी पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि इसके बाद गांव में किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं अल्ट्राटेक संयंत्र प्रबंधन की होगी।
इस दौरान संयंत्र प्रबंधन को चेतावनी देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में सरपंच प्रमिला वर्मा, सरपंच प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार वर्मा के साथ मुख्य रूप से पंच गोपाल साहू, रामकुमार वर्मा, प्रमिला शर्मा, सरिता यादव, कीर्ति गिरी, लोकेश्वरी साहू एवं उत्तरा ध्रुव सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।