'विप्र-सुरभि' का भव्य विमोचन: सर्व ब्राह्मण समाज के इतिहास में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय
बलौदाबाजार l सर्व ब्राह्मण समाज, बलौदाबाजार द्वारा समाज की प्रथम स्मारिका एवं वार्षिक पत्रिका "विप्र-सुरभि" का भव्य विमोचन समारोह पंडित वाल्मीकि शुक्ला स्मृति विप्र वाटिका में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समाज के इतिहास में इस आयोजन को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। समारोह में समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूज्य पंडित रामसुंदर दास जी थे। अध्यक्षता सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित श्याम कुमार शुक्ला ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रभा शुक्ला, पंडित रामकुमार शुक्ला, समाज के पूर्व अध्यक्ष अशोक तिवारी तथा अंबुजा विद्यालय के प्राचार्य संजय पांडे, यू.के. मिश्रा, नरेंद्र मिश्रा, एस पी पांडेय मंचासीन रहे।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। सर्व ब्राह्मण समाज महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती रिचा द्विवेदी के नेतृत्व में महिला प्रकोष्ठ ने भी अतिथियों का सम्मान कर कार्यक्रम की गरिमा में चार चाँद लगा दिए।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पंडित श्याम कुमार शुक्ला ने कहा कि "विप्र-सुरभि" केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति, परंपरा, उपलब्धियों और भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने पत्रिका के संपादक मंडल एवं सभी सहयोगियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम और समर्पण से यह सपना साकार हो पाया है।
मुख्य अतिथि पंडित रामसुंदर दास ने अपने उद्बोधन में ब्राह्मण समाज की गौरवशाली परंपरा, ज्ञान, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज तभी प्रगति करता है जब वह अपनी संस्कृति, इतिहास और वैचारिक विरासत को संजोकर रखता है। "विप्र-सुरभि" का प्रकाशन इसी दिशा में एक अनुकरणीय और ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह दिन सर्व ब्राह्मण समाज के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। इस अवसर पर उन्होंने समाज के अध्यक्ष पंडित श्याम कुमार शुक्ला को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद भी प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान "विप्र-सुरभि" पत्रिका का विधिवत विमोचन करते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित समाजजनों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए संपादक मंडल एवं समाज के पदाधिकारियों को बधाई दी।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन समाज के कोषाध्यक्ष पंडित विष्णुधर दीवान ने किया, जबकि अंत में समाज के सचिव पंडित सुशील तिवारी ने सभी अतिथियों, सहयोगियों, संपादक मंडल, महिला विंग एवं उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में समाज के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएँ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और संगठनात्मक शक्ति का अनुपम स्वरूप देखने को मिला।
इस अवसर पर ऋचा द्विवेदी सरस्वती तिवारी वंदना तिवारी श्रद्धा दुबे प्रभा तिवारी मनोरमा वाजपेई बबली दुबे नीतू शुक्ला सुष्मिता शुक्ला शशि शुक्ला पूनम शर्मा प्रीति शुक्ला पंडित रमाकांत झा रजनीकांत मिश्र रमेश मिश्रा पंडित छवि श्याम दुबे राजा तिवारी शिव शुक्ला प्रभाकर मिश्रा दुर्गेश वाजपेई मनोज दुबे उमाशंकर मिश्रा पीयूष मिश्रा संजय तिवारी नीलम दीक्षित अभिषेक तिवारी निशांत शुक्ला अतिंद्र शुक्ला बंटी शुक्ला ऋषि शुक्ला धीरज बाजपेई अरविंद मिश्रा सुशील तिवारी सुनील पांडे विनोद शुक्ला प्रमोद शुक्ला गार्गी शंकर बाजपेई सुरेंद्र बाजपेई प्रसन्न दीवान संजय शर्मा अमोघ शर्मा बाबू शर्मा धीरज मिश्रा दुर्गेश बाजपेई अमर मिश्रा अरविंद पांडे उमाशंकर मिश्रा राहुल पांडे अनिरुद्ध मिश्रा सूर्यकांत तिवारी विनय शर्मा तोषण चौबे दीपक तिवारी वंश दुबे सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे