बलौदाबाजार। सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में प्रदर्शित गुंडा-बदमाशों की सूची को लेकर एक नाम चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार निवासी आशीष शुक्ला का नाम उक्त सूची में शामिल बताया जा रहा है। लगातार सामने आए आपराधिक प्रकरणों एवं शिकायतों के चलते उनका नाम सूची में दर्ज किए जाने की बात कही जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आशीष शुक्ला के विरुद्ध सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में कई प्रकरण दर्ज होने की जानकारी है। लगभग 3 से 4 सेक्सट्रोशन प्रकरण में डरा धमका कर भयादोहन कर अवैध वसूली मामले सहित प्रकरण क्रमांक 607/2025 का भी उल्लेख किया गया है। वहीं शांति भंग से संबंधित कार्रवाई के तहत अनुविभागीय कार्यालय में BNSS की धारा 129 तथा धारा 128 एवं 135 के अंतर्गत प्रकरण चलने और एक लाख रुपये के बाउंड की कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा कुछ अन्य मामलों में जांच लंबित होने की बात भी कही गई है।
पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली के आरोप
आशीष शुक्ला पर पत्रकारिता की पहचान का उपयोग करते हुए डराने-धमकाने, भयादोहन एवं अवैध वसूली से संबंधित आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एवं सक्षम न्यायिक/प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा l
प्रेस क्लब ने किया स्पष्ट—नहीं है कोई संबंध
बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया है कि आशीष शुक्ला एवं उनके भाई का वर्तमान में संस्था से कोई संबंध नहीं है। प्रेस क्लब के अनुसार, दोनों भाइयों को पूर्व में संस्था की ओर से उनकी कथित गतिविधियों को देखते हुए निष्कासित किया जा चुका है।
प्रेस क्लब का कहना है कि इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति स्वयं को बलौदाबाजार प्रेस क्लब का सदस्य अथवा प्रतिनिधि बताकर शासकीय, गैर-शासकीय कार्यालयों या आमजनों के बीच संस्था के नाम का उपयोग करता है, तो संबंधित व्यक्ति से संस्था के संबंध की पुष्टि सीधे प्रेस क्लब से की जानी चाहिए l
अफवाहों से बचने की अपील
बलौदाबाजार प्रेस क्लब ने जिले के सभी शासकीय एवं गैर-शासकीय विभागों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा स्वयं को प्रेस क्लब से जुड़ा हुआ बताए जाने पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें। पत्रकारिता की गरिमा और संस्था की स्वच्छ छवि बनाए रखने के लिए प्रेस क्लब ने अपुष्ट बातों, अफवाहों एवं संस्था के नाम के अनधिकृत उपयोग से सावधान रहने की अपील की है।