बलौदाबाजार। आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज ने सिटी कोतवाली के टीआई लखेश केवट पर समाज की बैठक में पहुंचकर सार्वजनिक रूप से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार-भाटापारा को ज्ञापन सौंपकर मामले में एससी-एसटी एक्ट 1989 एवं अन्य उचित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
समाज द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 24 अगस्त 2026 की शाम आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज कोलियारी में सामाजिक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में 30 अगस्त को बलौदाबाजार के ऑडिटोरियम में विश्व आदिवासी दिवस मनाने तथा 26 अगस्त को लक्ष्मण ढाबाडीह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर चर्चा की जा रही थी।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान टीआई लखेश केवट अपनी टीम के साथ बिना पूर्व सूचना के बैठक में पहुंचे और समाज के लोगों के साथ कथित तौर पर अपमानजनक एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। समाज का कहना है कि इस घटना से उपस्थित लोगों को मानसिक ठेस पहुंची और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ।
आवेदकों ने अपने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिस अधिकारी होने के नाते कानून और नागरिकों की गरिमा की रक्षा करना उनका कर्तव्य है, लेकिन कथित घटना में पद का दुरुपयोग कर आदिवासी समाज को अपमानित किया गया। समाज ने मामले को गंभीर बताते हुए एससी-एसटी एक्ट 1989 के प्रावधानों के तहत सहित अन्य उचित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
आदिवासी समाज ने दोषी टीआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा समाज को न्याय दिलाने की मांग की है। आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज, मावली महासभा सिंगारपुर-भाटापारा और सर्व आदिवासी समाज जिला बलौदाबाजार द्वारा उग्र आंदोलन किया जा सकता है।
फिलहाल, मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से संबंधित आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि कोई अन्य प्रतिक्रिया/जानकारी आती है तो पुनः समाचार प्रकाशित किया जा सकता है ?