बलौदाबाजार। ग्राम पंचायत मोहतरा के तिल्हापारा में निर्माणाधीन CC रोड को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता, निर्धारित मोटाई और निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस संबंध में कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित सुधार या प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
जानकारी के अनुसार तिल्हापारा में श्री दौलत साहू के घर से श्री लोकु साहू के घर तक लगभग 200 मीटर CC रोड का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इस कार्य के लिए जिला पंचायत मद से करीब 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत होने की जानकारी दी जा रही है। हालांकि निर्माण स्थल पर स्वीकृत राशि, कार्य की लंबाई-चौड़ाई, निर्धारित मोटाई, तकनीकी स्वीकृति और निर्माण एजेंसी सहित आवश्यक जानकारी वाला सूचना बोर्ड लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
चार अंगुल मोटाई और टेढ़ी-मेढ़ी सड़क का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि निर्माणाधीन CC रोड की वास्तविक मोटाई करीब चार अंगुल यानी लगभग 3-4 इंच दिखाई दे रही है। सड़क की बनावट भी कई स्थानों पर टेढ़ी-मेढ़ी होने तथा निर्माण के बाद से ही सड़क के उखड़ने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि सड़क की निर्धारित मोटाई और गुणवत्ता तकनीकी मापदंडों के अनुसार है तो मौके पर तकनीकी अधिकारी से माप कराकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही है?
10 लाख की लागत, लेकिन काम में गुणवत्ता पर सवाल
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि सड़क की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई की मौके पर माप, उपयोग किए गए कंक्रीट एवं अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच तथा Measurement Book (MB) में दर्ज माप से मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है कि करीब 10 लाख रुपये की स्वीकृत राशि वास्तव में इसी कार्य के लिए है और स्वीकृत Estimate एवं Technical Specification के अनुरूप निर्माण कराया जा रहा है या नहीं।
निर्माण पूरा होने से पहले जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है, ऐसे में बाद में जांच कराने की बजाय निर्माण के दौरान ही तकनीकी जांच और मौके की माप कराना जरूरी है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यदि जांच में निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार भुगतान एवं पूर्णता संबंधी कार्रवाई जांच के अधीन रखी जाए तथा दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आखिर शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी, तो अब तक मौके पर तकनीकी जांच कराकर स्थिति सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? यदि सड़क निर्धारित मापदंडों के अनुरूप है तो मौके की माप और तकनीकी रिपोर्ट से स्थिति साफ हो सकती है, और यदि कमी है तो निर्माण पूरा होने से पहले सुधार भी संभव है।
अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। क्या प्रशासन मौके पर तकनीकी टीम भेजकर सड़क की मोटाई, गुणवत्ता, MB और स्वीकृत Estimate की जांच कराएगा या शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य इसी तरह पूरा हो जाएगा—यह सवाल बना हुआ है।