बलौदाबाजार। प्रशासन की निष्क्रियता और क्षेत्र में संचालित सीमेंट संयंत्रों की सामाजिक उदासीनता का खामियाजा एक बार फिर आम जनता को भुगतना पड़ा है। लवन चौक से भाटापारा बाईपास मार्ग की अत्यंत जर्जर हालत के कारण रिसदा बाईपास के एक गहरे गड्ढे में एक भारी मालवाहक ट्रक अनियंत्रित होकर खराब हो गया। इस घटना के कारण मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लगभग 6 घंटों तक भारी वाहनों के पहिए पूरी तरह थमे रहे। इस महाजाम और खस्ताहाल सड़कों की गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी और ग्राम रिसदा के ग्रामीण नितेश मंडले ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को जनदर्शन में एक औपचारिक आवेदन सौंपा। उन्होंने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
खस्ताहाल सड़कें बनीं हादसों और जाम का सबब
स्थानीय ग्रामीणों और चालकों के मुताबिक, लवन चौक से भाटापारा बाईपास और रिसदा बाईपास चौक से सुहेला-हथबंद तक का पूरा मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। भारी वाहनों का लगातार दबाव होने के बावजूद लंबे समय से इस मार्ग की सुध नहीं ली गई है। आए दिन इन जानलेवा गड्ढों के कारण भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त या खराब हो रहे हैं। जनदर्शन में सौंपे गए आवेदन में मांग की गई है कि इस पूरे बेल्ट में तत्काल बड़े पैमाने पर पेच वर्क (सड़क मरम्मत) की सख्त आवश्यकता है, लेकिन जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग और प्रशासन मौन साधे बैठे हैं।संसाधनों का अंधाधुंध दोहन, सुविधाओं के नाम पर सिर्फ धूलकांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी और ग्रामीण नितेश मंडले ने क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि इन सीमेंट उद्योगों ने क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन और बहुमूल्य खनिजों का अंधाधुंध दोहन किया है। अपनी फैक्ट्रियों के मुनाफे के लिए ये संयंत्र चौबीसों घंटे सैकड़ों भारी वाहन इसी मार्ग से गुजारते हैं, जिससे सड़कें समय से पहले दम तोड़ रही हैं। इसके बावजूद, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी संसाधन और सुरक्षित सड़कें मुहैया कराने में ये संयंत्र पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। वहीं प्रबुद्ध जनों का कहना है कि उक्त मार्ग की दुर्दशा का मुख्य कारण कहीं ना कहीं ओवर लोडिंग है जिसका खामीयाजा आज क्षेत्रवासी भुगत रहे हैं l
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने सुध नहीं ली और कलेक्टर ने इस आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सीमेंट प्रबंधन को सड़कों के रखरखाव के लिए बाध्य नहीं किया, तो आने वाले दिनों में उग्र चक्काजाम और आंदोलन किया जाएगा।