बलौदाबाजार l राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में वर्ष 2026 के तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत 12.09.2026 को आयोजित किया गया, जिसके तत्वाधान में श्रीमती विनीता वार्नर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के मार्गदर्शन में जिला बलौदाबाजार में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया, जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, कर्मचारीगण, विभिन्न शासकीय बैंक एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहें है। सबसे हर्ष की बात यह ही कि उपस्थित पक्षकरों के द्वारा भी पूजा अर्चना कर नेशनल लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता ली गई। जिला एवं सत्र न्यायालय एवं व्यवहार न्यायालय भाटापारा, सिमगा, कसडोल में खण्डपीठ का गठन किया गया, साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी खण्डपीठ का गठन किया गया था।
जिला बलौदाबाजार में न्यायालय में लंबित प्रकरण, ट्रैफिक चालान, अन्य लघु अपराध एवं राजस्व न्यायालयों सहित कुल 48344 प्रकरण रखे गये थे जिसमें से 43961 प्रकरण का निराकरण किया गया है।
कुटुम्ब न्यायालय बलौदाबाजार में गठित खण्डपीठ, पीठासीन अधिकारी श्री राजभान सिंह के द्वारा 23 प्रकरणों का निराकरण किया गया। उक्त न्यायालय में लंबित विधिक दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 131/2026 जिसमें आवेदिका मंजू सोनी ने अनावेदक सूरज सोनी के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के तहत् अपने तथा अपनी पुत्री नाबालिग रूही सोनी के भरण पोषण हेतु राशि प्रदान किये जाने हेतु आवेदन दिनांक- 13.05.2026 को प्रस्तुत किया था। उभयपक्ष दिनांक- 17.08.2026 को न्यायालय में उपस्थित थे और न्यायालय के द्वारा समझाईश दिये जाने पर उभयपक्ष अपनी नाबालिग पुत्री रूही के बेहतर भविष्य को देखते हुये एक साथ रहकर दांपत्य जीवन का निर्वहन करने हेतु तैयार हुये है। उभयपक्षों ने लोक अदालत के दौरान न्यायालय में उपस्थित होकर व्यक्त किया कि वे वर्तमान में एक साथ रहकर दांपत्य जीवन का निर्वाह कर रहे हैं।
प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बलौदाबाजार में गठित खण्डपीठ, पीठासीन अधिकारी श्रीमती संगीता नवीन तिवारी के द्वारा एक सफल प्रकरण का निराकरण किया गया, जिसमें मृतक की दो पत्नियां एवं उनसे उत्पन्न संतानों के मध्य 04 वर्षों से बंटवारा विवाद लंबित था, जिसमें अपीलय न्यायालय द्वारा उभयपक्ष को दिये गये सुलह-समझाईस के आधार पर प्रकरण का अंतिम निराकरण किया गया और इस तरह 04 वर्ष से लंबित बंटवारा विवाद का सुखद समाधान हुआ तथा पक्षकारों के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित हुआ।
इसी प्रकार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बलौदाबाजार में गठित खण्डपीठ, पीठासीन अधिकारी श्री प्रशांत कुमार भास्कर के द्वारा दां.परि.प्र.क्र. 354/202ं बजरंग ट्रेडर्स वि. सिद्धि कंस्ट्रक्शन अंतर्गत धारा 138 एन.आई.ए. का प्रकरण वर्ष 2021 से लंबित 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के द्वारा आपसी सहमति से निराकृत कराया गया।
नेशनल लोक अदालत में उपस्थित पक्षकारों के लिये जिला मुख्यालय बलौदाबाजार के साथ साथ व्यवहार न्यायालय सिमगा, भाटापारा एवं कसडोल में निः शुल्क चिकित्सा जांच की व्यवस्था की गई थी। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच में जिला अस्पताल बलौदाबाजार की सहभागिता रही है। नेशनल लोक अदालत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन के द्वारा इस वर्ष भी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
न्यायालय में उपस्थित होकर नेशनल लोक अदालत में राजीनामा करने वाले सभी पक्षकारों को मामले के समझौते के पल को स्मृति के रूप में संयोजने के लिये निःशुल्क फलदार पौधों का वितरण किया गया। फलदार पौधे उपहार में देना समृद्धि, विकास, स्वास्थ्य और चीर स्थाई यादों का प्रतीक है। यह एक पर्यावरण के अनुकूल तोहफा है जो बरसों तक फल देता हैं l