बलौदाबाजार। फर्जी स्थानांतरण आदेश मामले में जेल में बंद और भाजपा से छह वर्ष के लिए निष्कासित पूर्व जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी तथा उनके पुत्र प्रणव अवस्थी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब नौकरी लगाने के नाम पर छह लाख रुपए की कथित ठगी का एक और मामला सामने आया है। ग्राम ओड़ान निवासी पूर्व सरपंच जीवन लाल कमल की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूर्व सरपंच से छह लाख लेने का आरोप
एफआईआर के अनुसार जीवन लाल कमल (49) खेती-किसानी करते हैं और ग्राम पंचायत ओड़ान के पूर्व सरपंच रह चुके हैं। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि कृष्णा अवस्थी और प्रणव अवस्थी ने प्राथी सहित सोहन कन्नौजे, डोमार कन्नौजे एवं श्रीराम कन्नौजे को नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में उनसे छह लाख रुपए लिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार 14 सितंबर 2025 को बलौदाबाजार स्थित भाजपा कार्यालय में नौकरी के लिए पहली किस्त के रूप में राशि दी गई थी। इसके बाद आरोपियों की ओर से एक माह के भीतर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया जाता रहा। निर्धारित समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगने पर जीवन लाल ने रकम वापस करने की मांग की।
रकम लौटाने के बजाय कलेक्टर कार्यालय के पास बुलाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक 16 फरवरी 2026 को आरोपियों से संपर्क कर राशि वापस मांगी गई। आरोप है कि उस समय रकम लौटाने के बजाय नौकरी लगाने के संबंध में कलेक्टर कार्यालय के पास मिलने के लिए बुलाया गया। इसके बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा और शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने नौकरी लगाने के नाम पर अन्य लोगों से भी रकम ली है। हालांकि, अन्य लोगों से रकम लेने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए लेन-देन और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
एक के बाद एक सामने आ रहे नौकरी से जुड़े मामले
गौरतलब है कि कृष्णा अवस्थी और प्रणव अवस्थी पहले से ही आरएमए करण देवांगन के कथित फर्जी स्थानांतरण आदेश मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में दोनों समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके बाद कसडोल में बीज एवं कृषि विकास निगम के नाम पर कथित फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर दो लाख रुपए लेने का आरोप सामने आया था।
वहीं, शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी लगाने के नाम पर 50 हजार रुपए लेने के आरोप में भी प्रणव अवस्थी के खिलाफ सिटी कोतवाली में अलग से एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इन मामलों में पुलिस कथित बैंक लेन-देन, मोबाइल और व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
अब जांच के दायरे में लेन-देन की कड़ी
नौकरी और स्थानांतरण से जुड़े लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच 6 लाख रुपए की नई एफआईआर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए लेन-देन, आरोपियों से संपर्क, नौकरी लगाने के आश्वासन और इसमें कथित रूप से मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले लोगों की जानकारी जुटाने में खुल सकते है कई राज?
आखिर किसके इशारे में इतना बड़ा खेल चल रहा ?
सोचने वाली बात यह भी है कि पलारी थाने में भी मामला स्वास्थ्य विभाग से संबंधित फर्जी ट्रांसफर का था, उसी प्रकार यह प्रकरण भी स्वास्थ्य विभाग से संबंधित जिला अस्पताल में वार्ड ब्वॉय की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का है, जिससे प्रतीत होता है कि उक्त मामले में कोई ना कोई स्वास्थ्य विभाग से संबंधित व्यक्ति/अधिकारी की भी संलिप्तता हो सकती है? जो जॉच का विषय है l