बलौदाबाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान चलाए जाने के बीच सिटी कोतवाली पुलिस ने भैंसापसरा में दबिश देकर घर से गांजा रखकर बिक्री करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से 732 ग्राम गांजा, जिसकी कीमत करीब 8 हजार रुपये बताई गई है, जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक 2 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भैंसापसरा निवासी रामाधार पटेल पिता श्रवण पटेल, उम्र 38 वर्ष अपने घर में गांजा रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने गवाहों के साथ मौके पर पहुंचकर दबिश दी। तलाशी के दौरान मकान के सामने परछी में टीन के तसले के नीचे रखे कैरीबैग से गांजा बरामद किया गया।
मामले में पुलिस ने धारा 20(B) NDPS एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 819/2026 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में गांजा तस्करी को लेकर अब एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार विगत कई महीनों में पुलिस की कार्रवाई मुख्य रूप से छोटे स्तर पर गांजा रखने या बेचने वाले आरोपियों तक ही सीमित दिखाई दे रही है, जबकि बड़े पैमाने पर गांजा सप्लाई करने वाले कथित कारोबारियों तक पुलिस की पहुंच अब तक नहीं हो सकी है।
सूत्रों का दावा है कि क्षेत्र में गांजा की सप्लाई का नेटवर्क केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित नहीं है और इसके पीछे बड़े सप्लायर अथवा तस्करों की भूमिका की भी जांच की आवश्यकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि छोटे तस्कर तक कार्रवाई पहुंचने के बाद पुलिस उस गांजे के स्रोत और सप्लाई चेन तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि छोटे स्तर पर गांजा बेचने वाले आरोपी लगातार पकड़ में आ रहे हैं, तो उनसे पूछताछ के आधार पर गांजा कहां से आया, किसने उपलब्ध कराया और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, इसकी तह तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पा रही है?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि छोटे आरोपियों पर कार्रवाई के बाद बड़े कथित तस्करों तक जांच नहीं पहुंचने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर गांजा सप्लाई की पूरी चेन सामने लाने की मांग उठ रही है। यदि किसी स्तर पर कार्रवाई को सीमित रखने अथवा बड़े आरोपियों तक जांच नहीं पहुंचाने का आरोप सही पाया जाता है, तो जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
भैंसापसरा में 732 ग्राम गांजा पकड़ना निश्चित तौर पर एक कार्रवाई है, लेकिन असली चुनौती गांजे के बड़े सप्लायर और तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है। पुलिस यदि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर सप्लाई के स्रोत और बड़े कारोबारियों तक पहुंचती है, तभी क्षेत्र में चल रहे कथित गांजा नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।