बलौदाबाजार। शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्रों सदर बाजार और गांधी चौक स्थित बहुमूल्य संपत्तियों से जुड़े वर्षों पुराने बंटवारे और कब्जे के विवाद में जिला न्यायालय ने एक कड़ा आदेश पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अनुपालन में निष्पादन प्रकरण Execution/40/2023 के तहत प्रशासनिक और पुलिस बल की मौजूदगी में डिक्रीधारी राजकुमारी चावला परिवार को संपत्तियों का वास्तविक एवं रिक्त कब्जा दिला दिया गया है।
पृष्ठभूमि एवं कानूनी कार्रवाई
यह विवाद स्वर्गीय बाबूलाल विश्नोई की संपत्तियों के बंटवारे से संबंधित है। उच्च और सर्वोच्च न्यायालय से प्रकरण के अंतिम निराकरण के बाद, जिला न्यायालय के आदेश पर राजस्व अधिकारियों ने राजकुमारी चावला एवं स्व. नरेंद्र सिंह चावला के परिवार के हिस्से की संपत्तियों का सीमांकन कर नक्शे में पृथक बटांकन दर्ज किया था।
विवादित संपत्तियां और अवैध कब्जाधारी
दूसरे पक्ष समीर, दीपक व हरबंश विश्नोई परिवार द्वारा इन संपत्तियों को किरायेदारों को सौंप दिया गया था, जिससे वास्तविक मकान मालिकों को उनके अधिकार नहीं मिल पा रहे थे। न्यायालय द्वारा जिन प्रमुख संपत्तियों और कब्जाधारियों के विरुद्ध वारंट जारी किया गया था, उनमें शामिल हैं:
सदर बाजार: राजेन्द्र साहू, कृष्ण कुमार साहू, प्रकाशचंद्र हेमनानी (अंजनि बूट हाउस), अंकित हेमनानी, राजेश कुमार रोहरा (सूरज बूट हाउस) तथा वेद प्रकाश आरतानी (कैलाश बूट हाउस)।
गांधी चौक: मनोहर गोविंदानी, ललित केशरवानी (ललित किराना स्टोर) तथा रमेश कुमार सोनी (रमेश रेडियो)।
इन कब्जाधारियों द्वारा लंबे समय से नगरवासियों के समक्ष स्वयं को मकान मालिक के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था।
पुलिस और प्रशासनिक अमले की कार्रवाई
तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक गर्ग की अदालत के आदेश पर 9 जुलाई 2026 को सीमांकन किया गया था। तत्पश्चात, 08 अक्टूबर 2026 को न्यायालयीन कर्मचारियों, राजस्व अधिकारियों और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर ताला बंद मिलने पर नियमानुसार ताला तोड़कर संपत्ति का कब्जा राजकुमारी चावला परिवार को सौंपा। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है। न्यायालय ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त दंड एवं जुर्माने की चेतावनी दी है।
इस कार्रवाई से शहर में चर्चा तेज हो गई है, और स्थानीय नागरिकों ने न्यायालय के आदेश के प्रति पूर्ण सम्मान व्यक्त किया है।