बलौदाबाजार। मानसून की बारिश थमते ही बलौदाबाजार-रिसदा-हथबंद-सिमगा मार्ग पर धूल की समस्या गंभीर हो गई है। सड़क से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण दिनभर धूल के गुबार उड़ रहे हैं, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिसदा के युवाओं ने की थी पानी छिड़काव की मांग
उड़ती धूल से परेशान ग्राम रिसदा के युवाओं ने पूर्व में प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की थी। युवाओं का कहना था कि जब तक सड़क का स्थायी निर्माण या डामरीकरण पूरा नहीं होता, तब तक दिन में दो-तीन बार पानी का छिड़काव कराया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि मांग के बावजूद अब तक नियमित व्यवस्था शुरू नहीं हुई है।
भारी वाहनों से बढ़ रही परेशानी
बलौदाबाजार-सिमगा मार्ग पर सीमेंट संयंत्रों और खदानों से जुड़े भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। रेत, सीमेंट, कोयला, क्लिंकर, जिप्सम और फ्लाई ऐश सहित अन्य सामग्री लेकर चलने वाले वाहनों के गुजरने पर सड़क पर जमा धूल हवा में उड़ने लगती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को विशेष परेशानी होती है।
घरों, दुकानों और खेतों पर जम रही धूल
सड़क किनारे बसे ग्रामीणों का कहना है कि उड़ती धूल घरों और दुकानों के साथ आसपास की फसलों तक पहुंच रही है। धूल के कारण आंखों में जलन और सांस संबंधी परेशानी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। वहीं, धूल के गुबार के कारण वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थायी सड़क निर्माण तक तत्काल छिड़काव की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का स्थायी निर्माण पूरा होने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक प्रशासन पानी के टैंकरों से नियमित छिड़काव की व्यवस्था कर सकता है। रिसदा के युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पानी छिड़काव शुरू कराने तथा सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग दोहराई है।