ऐतिहासिक अवसर : सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा विशेष आयोजन
सशक्त अभियान: पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में जिले के विभिन्न थाना/चौकी क्षेत्रों में चलाया गया ‘न्याय संहिता कैंपेन’
बलौदाबाजार ,
कानूनी जागरूकता: स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को दी गई 'नवीन न्याय संहिता' (BNS, BNSS, BSA) की विस्तृत जानकारी
डिजिटल और त्वरित न्याय: नागरिकों को बताया गया कि अब ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर और गवाहों के डिजिटल बयान से न्याय प्रक्रिया हुई तेज
सुरक्षा एवं नशामुक्ति: साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए और नशामुक्त समाज निर्माण के लिए ग्रामीणों व महिलाओं को किया गया जागरूक
सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर, राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के तहत जिला पुलिस की अनूठी पहल- 'न्याय संहिता कैंपेन' के तहत छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को किया गया जागरूक- पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन में आज दिनांक 22.06.2026 को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के गौरवशाली अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के तहत जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में 'न्याय संहिता कैंपेन' का वृहद आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, महिलाओं और युवा पीढ़ी को नए कानूनों तथा सुरक्षात्मक उपायों के प्रति जागरूक करना है।
स्कुलों और गांवों में पहुंचे पुलिस अधिकारी :- इस विशेष अभियान के तहत जिले की विभिन्न पुलिस टीमों ने सीधे जनता और विद्यार्थियों से संवाद किया:
1. थाना हथंबद की टीम द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, केसला में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
2. चौकी करहीबाजार की टीम ने हाई स्कूल करहीबाजार में छात्र-छात्राओं के बीच पहुँचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
3. थाना गिधौरी की टीम द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, टुण्डरा में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
4. इसके साथ ही थाना कसडोल की टीम ने ग्राम कोट में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संपर्क साधा।
नवीन न्याय संहिता के तहत मिले अधिकारों की, दी गई जानकारी :- कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और बच्चों को बताया कि देश की नई कानून व्यवस्था (भारतीय न्याय संहिता) अब "दंड" देने के बजाय नागरिकों को "न्याय" देने की भावना पर आधारित है। इसके तहत निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में जागरूक किया गया:
1. ई-एफआईआर (E-FIR): अब कोई भी नागरिक थाने जाए बिना ऑनलाइन माध्यम से भी एफआईआर दर्ज करा सकता है।
2. जीरो एफआईआर (Zero FIR): अपराध चाहे किसी भी क्षेत्र में हुआ हो, पीड़ित किसी भी नजदीकी थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है, जिसे बाद में संबंधित थाने ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
3. महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता: महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है और पीड़िता के बयान को वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए सुरक्षित करने की व्यवस्था की गई है।
4. तय समय सीमा में न्याय: नए कानून के तहत जांच, चार्जशीट दाखिल करने और अदालत द्वारा फैसला सुनाने के लिए सख्त समय-सीमा तय की गई है, जिससे पीड़ितों को सालों-साल चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
साइबर क्राइम और नशामुक्ति पर विशेष फोकस :- वर्तमान समय की बढ़ती डिजिटल चुनौतियों को देखते हुए उपस्थित जनसमूह को साइबर अपराधों (जैसे ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग) से बचने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। साथ ही, समाज को खोखला कर रही नशे की लत के खिलाफ आवाज उठाते हुए पुलिस टीम ने सभी को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग किया। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की इस मुहिम को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, ग्रामीणों और बच्चों का भरपूर सहयोग मिला तथा इस ज्ञानवर्धक पहल की सभी के द्वारा सराहना की गई।