राजेश मिश्रा पर जबरन निर्माण कार्य रुकवाकर हाथापाई, धमकी देने का लगा आरोप
अल्पसंख्यक परिवार ने एफआईआर, सुरक्षा व त्वरित कार्रवाई की मांग
बलौदाबाजार । शहर के अंबेडकर चौक निवासी एवं एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र के जिला ब्यूरो प्रमुख दलजीत सिंह चावला ने थाना सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत देकर बताया कि राधाविहार कॉलोनी मार्ग स्थित अपनी पारिवारिक निर्माणाधीन संपत्ति पर निर्माण कार्य चल रहा था जिसे बिना किसी लिखित शिकायत/सूचना के राजेश मिश्रा द्वारा बलपूर्वक निर्माण कार्य को बंद करवा दिया गया, कार्य बंद की जानकारी मिलते ही दलजीत सिंह चावला तत्काल कार्य स्थल पहुंच गये उस दौरान राजेश मिश्रा ने उन्हें सार्वजनिक रूप से अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देते हाथापाई किए जाने का आरोप लगाया है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की लागू धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर त्वरित कार्रवाई, परिवार एवं अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने आवेदन में आरोप लगाया है कि आदतन बदमाश प्रवृत्ति के व्यक्ति बताए गए राजेश मिश्रा ने कुछ लोगों का समूह बनाकर उनकी निर्माणाधीन संपत्ति पर पहुंचकर निर्माण कार्य बलपूर्वक रुकवा दिया। शिकायत के अनुसार 29 जुलाई की सुबह सूचना मिलने पर वह घटनास्थल पहुंचे, जहां निर्माण कार्य बंद मिला। विरोध करने पर राजेश मिश्रा ने कथित रूप से सार्वजनिक रूप से अश्लील गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी तथा हाथापाई की। आवेदन में विकास गंभीर, अंशु गंभीर एवं विजय तिवारी सहित अन्य लोगों को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग अंशु गंभीर द्वारा की जा रही थी। आरोप है कि रिकॉर्डिंग होते देख राजेश मिश्रा ने अंशु गंभीर को भी अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद उन्होंने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। शिकायतकर्ता ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग एवं उसके स्क्रीनशॉट सहित अन्य साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराने की बात भी कही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व 16 जुलाई 2026 को भी राजेश मिश्रा के विरुद्ध व्हाट्सएप समूह में कथित गाली-गलौज एवं धमकी दिए जाने संबंधी शिकायत थाना सिटी कोतवाली में प्रस्तुत की थी। उनका आरोप है कि उस शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपित के हौसले बढ़े और दोबारा ऐसी घटना हुई।
आवेदन में पुलिस से आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष विवेचना, पूर्व शिकायत को वर्तमान प्रकरण से जोड़कर जांच करने, आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने तथा परिवार एवं स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के जान-माल एवं निर्माणाधीन संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा रायपुर एवं बलौदाबाजार प्रेस क्लब को भी भेजी गई है। फिलहाल प्राप्त जानकारी अनुसार मामले में जॉच जारी है आगे की कार्यवाही एवं अन्य जानकारी के साथ आगामी समाचार में दी जा सकती है l