अज्ञात कारणों से जहर सेवन कर बेहोश हुई युवती, कसडोल डायल 112 ने त्वरित रेस्क्यू कर पहुँचाया अस्पताल; ईलाज जारी
जहरीले पदार्थ के सेवन से युवती हुई बेहोश: थाना कसडोल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम में अज्ञात कारणों से युवती ने किया विषपान, मौके पर ही हुई अचेत
शाम 06:00 बजे त्वरित रिस्पॉन्स: इवेंट मिलते ही कसडोल बाज-01 की टीम ने बिना एक पल गंवाए घटनास्थल पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
सीएचसी कसडोल में कराया भर्ती: आरक्षक लक्ष्मीनारायण गायकवाड़ और चालक नरेंद्र कुमार साहू ने 'गोल्डन आवर' में तत्परता दिखाते हुए युवती को पहुंचाया अस्पताल
परिजनों की मदद से तुरंत शुरू हुआ इलाज: समय पर अस्पताल पहुंचाने से टला बड़ा खतरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल में उपचार जारी
बलौदाबाजार l आज दिनांक 01.08.2026 को शाम करीब 06:00 बजे थाना कसडोल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव से एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया। यहाँ एक युवती ने अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई और वह मौके पर ही गंभीर अवस्था में बेहोश हो गई। सूचना मिलते ही थाना कसडोल की डायल 112 (बाज-01) टीम ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़िता को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कसडोल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है।
इवेंट मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस टीम, अचेत स्थिति में मिली युवती - कंट्रोल रूम से आज दिनांक 01.08.2026 को शाम 06:00 बजे सूचना प्राप्त होते ही कसडोल बाज-01 में तैनात आरक्षक क्रमांक 871 लक्ष्मीनारायण गायकवाड़ और वाहन चालक नरेंद्र कुमार साहू ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल कॉलर से संपर्क साधा और सीधे घटनास्थल के लिए रवाना हुए। घटनास्थल पर पहुँचने पर पुलिस टीम ने देखा कि पीड़िता युवती अज्ञात कारणों से जहर सेवन करने के कारण गंभीर अवस्था में अचेत (बेहोश) पड़ी हुई थी। घर में अफरा-तफरी का माहौल था और परिजन अत्यंत भयभीत थे।
'गोल्डन आवर' में मिला जीवनदान, सीएचसी कसडोल में उपचार जारी - मामले की गंभीरता और युवती की नाजुक स्थिति को देखते हुए आरक्षक लक्ष्मीनारायण गायकवाड़ और चालक नरेंद्र कुमार साहू ने संवेदनशीलता का परिचय दिया। पुलिस जवानों ने परिजनों के सहयोग से बेहोश युवती को अत्यंत सावधानीपूर्वक उठाकर डायल 112 सरकारी वाहन में शिफ्ट किया और सायरन बजाते हुए तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कसडोल लेकर पहुँचे। अस्पताल पहुँचकर डॉक्टरों को आपातकालीन स्थिति से अवगत कराया गया, जिसके बाद तुरंत युवती को इमरजेंसी वार्ड में दाखिल कर उपचार शुरू किया गया। 'गोल्डन आवर' यानी सही समय पर अस्पताल पहुँच जाने के कारण युवती को समय पर डॉक्टरी सहायता मिल सकी, जहाँ फिलहाल उसका इलाज जारी है।